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अनोखा जीव एकिडना by सूरज जोशी

(Contd. from page 2...)

माता एकिडना के चूचुक नहीं होते हैं, इसलिए शिशु-एकिडना अपना मुख थैली में विशेष प्रकार के बालों से चिपका लेता है। माता कि दुग्ध-ग्र्रन्थियों से रिसने वाला दूध इन बालों से हो कर शिशु के मुख में लगातार पहुंचता रहता है।
शिशु-एकिडना अत्यंत तीव्र गति से विकसित होता है - अपने जीवन के पहले ४५ दिनों में इसका भार जन्म के समय के भार से पांच सौ गुना तक बढ़ सकता है। इस वय में इसके शरीर पर कांटे भी उत्पन्न हो जाते हैं, जिनके कारण माता को इसे अपनी थैली में लेकर विचरण करने में असुविधा महसूस होने लगती है। इस कारण माता अपने शिशु को किसी चट्टान की दरार या खोह में छिपा देती है और प्रत्येक पांच-छह दिनों में दुग्ध-पान कराने के लिए लौट कर आती रहती है। यह कार्यक्रम करीब छह महीनों तक चलता रहता है।

डिंगो(ऑस्ट्रेलिया में पाए जाने वाले जंगली कुत्ते) और सियार एकिडना के प्र्राकृतिक भक्षक शत्रु होते हैं। एक सरकारी प्र्रयोजन के तहत दक्षिण ऑस्ट्रेलिया का कंगारू द्वीप भक्षक पशुओं से मुक्त कर दिया गया है, इसलिए इस द्वीप पर एकिडनाओं और अन्य पशुओं की भरमार पाई जाती है।

ऑस्ट्रेलिया में जंगलों में एकिडना आसानी से दिखाई नहीं पड़ते हैं क्योंकि यह बड़े भीरू और शर्मीले किस्म के जीव होते हैं। दीमकों के टीलों के पास खुदाई करने पर यह दिखाई पड़ सकते हैं। इनका मल चमकीली पर्त से ढकी लम्बी गोलियों के समान होता है, जिनमें चीटियों के अधपचे अवशेष दिखाई पड़ते हैं। इसकी सहायता से भी एकिडना के निवास स्थान का ज्ञान हो सकता है।

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The river which carries maximum quantity of water into the sea is the Mississippi.

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Humpty, dumpty sat on a wall
Humpty, dumpty had a great fall
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Thought it was really funny
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